एक तरफ कांग्रेस अपना स्थापना दिवस मना रही है तो दूसरी तरफ 'कांग्रेस दर्शन' में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी पर ही आपत्तिजनक लेख लिखा गया है.
आज ही के दिन 1885 में एक अंग्रेज ए.ओ ह्यूम ने पार्टी की नींव रखी थी. इस मौके पर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में झंडा फहराया.
इसके अलावा पार्टी के विभिन्न नेताओं की ओर से और भी कई कार्यक्रम रखे गए हैं. इन 130 सालों के दौरान पार्टी ने कई उतार चढ़ाव देखे हैं. जहां एक ओर अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ कांग्रेस के नेतृत्व में देश ने लंबी लड़ाई लड़ी, वहीं आज़ादी के बाद देश पर सबसे लंबे समय तक शासन करने की जिम्मेदारी भी कांग्रेस ने ही संभाली.
कांग्रेस ने देश को पंडित जवाहर लाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और मनमोहन सिंह सहित सात प्रधानमंत्री दिये. हालांकि पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा.

जहां एक ओर पार्टी अपना स्थापना मना रही है, वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र के मुंबई कांग्रेस के स्थानीय मुखपत्र 'कांग्रेस दर्शन' में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी पर ही आपत्तिजनक लेख लिखा गया है. साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कुछ फैसलों पर भी सवाल उठाए गए हैं.
मुंबई कांग्रेस के इस मुखपत्र में लिखा गया है कि सोनिया के पिता फासिस्ट सिपाही थे और यह भी कहा गया है कि सोनिया ने 1998 में सरकार बनाने की असफल कोशिश भी की थी.
इस मुखपत्र में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के फैसलों पर सवाल भी उठाए गए हैं. इसमें लिखा गया है कि अगर नेहरू ने सरदार पटेल की बात मानी होती तो आज कश्मीर, तिब्बत, चीन और नेपाल की समस्या नहीं होती.
संजय निरुपम ने मानी गलती
मुखपत्र के संपादक व मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष संजय निरुपम ने इसे गलती मानते हुए इसे सुधारने की बात कही है.
उन्होंने कहा है कि इस मामले में कार्रवाई होगी. इसके साथ ही इस बात पर पूरा जोर रहेगा कि इस तरह की गड़बड़ी दोहराई न जा सके. सोमवार को कांग्रेस का 131वां स्थापना दिवस है, ऐसे में इस लेख को लेकर काफी बवाल भी हो रहा है. उधर विपक्ष इसे हथियार बनाने की तैयारी में है.
मुंबई कांग्रेस के मुखपत्र ने यह खुलासा भी किया है कि सोनिया पार्टी की प्राथमिक सदस्य बनने के महज 62 दिनों में वे अध्यक्ष बन गईं. इतना ही नहीं राजीव गांधी से शादी के 16 साल बाद सोनिया गांधी भारत की नागरिक बनने की बात भी इस मुखपत्र में लिखी गई है.
आज ही के दिन 1885 में एक अंग्रेज ए.ओ ह्यूम ने पार्टी की नींव रखी थी. इस मौके पर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में झंडा फहराया.
इसके अलावा पार्टी के विभिन्न नेताओं की ओर से और भी कई कार्यक्रम रखे गए हैं. इन 130 सालों के दौरान पार्टी ने कई उतार चढ़ाव देखे हैं. जहां एक ओर अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ कांग्रेस के नेतृत्व में देश ने लंबी लड़ाई लड़ी, वहीं आज़ादी के बाद देश पर सबसे लंबे समय तक शासन करने की जिम्मेदारी भी कांग्रेस ने ही संभाली.
कांग्रेस ने देश को पंडित जवाहर लाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और मनमोहन सिंह सहित सात प्रधानमंत्री दिये. हालांकि पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा.
जहां एक ओर पार्टी अपना स्थापना मना रही है, वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र के मुंबई कांग्रेस के स्थानीय मुखपत्र 'कांग्रेस दर्शन' में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी पर ही आपत्तिजनक लेख लिखा गया है. साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कुछ फैसलों पर भी सवाल उठाए गए हैं.
मुंबई कांग्रेस के इस मुखपत्र में लिखा गया है कि सोनिया के पिता फासिस्ट सिपाही थे और यह भी कहा गया है कि सोनिया ने 1998 में सरकार बनाने की असफल कोशिश भी की थी.
इस मुखपत्र में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के फैसलों पर सवाल भी उठाए गए हैं. इसमें लिखा गया है कि अगर नेहरू ने सरदार पटेल की बात मानी होती तो आज कश्मीर, तिब्बत, चीन और नेपाल की समस्या नहीं होती.
संजय निरुपम ने मानी गलती
मुखपत्र के संपादक व मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष संजय निरुपम ने इसे गलती मानते हुए इसे सुधारने की बात कही है.
उन्होंने कहा है कि इस मामले में कार्रवाई होगी. इसके साथ ही इस बात पर पूरा जोर रहेगा कि इस तरह की गड़बड़ी दोहराई न जा सके. सोमवार को कांग्रेस का 131वां स्थापना दिवस है, ऐसे में इस लेख को लेकर काफी बवाल भी हो रहा है. उधर विपक्ष इसे हथियार बनाने की तैयारी में है.
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