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रूसी विमान क्रैशः विमान पर हमला हुआ या क्रैश, सस्पेंस बरकरार

rusi viman kraishah viman par hamalaकाहिरा। रूसी विमान के क्रैश होने पर सस्पेंस लगातार बना हुआ है। इस जहाज के क्रैश होने की खबर के बाद आतंकी संगठन आईएसआईएस ने वीडियो जारी कर यह दावा किया था कि इस विमान को गिराए जाने के पीछे उसका हाथ है। लेकिन इस्लामिक स्टेट भले ही रूसी एयरलाइंस के विमान को गिराए जाने का दावा कर रहा हो लेकिन फ्रांस के कुछ जांचकर्ताओं ने आईएसआईएस के इन दावों पर सवाल उठाए हैं। जांचकर्ताओं का कहना है कि जहाज से मिले फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर से मिली जानकारी के मुताबिक जिस वक्त जहाज क्रैश हुआ तब वह 30,000 फुट की ऊंचाई पर उड़ रहा था, और जांचकर्ताओं का मानना है कि आईएस इतनी ऊंचाई पर उड़ रहे विमान को निशाना नहीं बना सकता है। फ्रांस के एयर एंड स्पेस म्यूजियम के डायरेक्टर गिरार्ड फेल्डजर ने कहा कि जहाज उस वक्त 9000 मीटर की ऊंचाई पर था, और इतनी ऊंचाई पर उड़ रहे विमान को निशाना बनाने के लिए आईएस को राडार मोबाइल ट्रैकर और लांग रेन्ज की मिसाइल की जरूरत होती। उन्होंने कहा कि, "आईएस के पास ऐसी कोई तकनीक है ही नहीं जिससे वह 9000 मीटर पर उड़ रहे विमान को निशाना बना सके।" आईएसआईएस से जुड़े एक आतंकी संगठन ने जो वीडियो जारी किया है, उसमें एक एयरक्राफ्ट जमीन की ओर गिरता नजर आ रहा है। लेकिन इस वीडियो को देखकर यह नहीं कहा जा सकता कि यह विमान क्रैश हुआ होगा या नहीं। इसकी वजह वीडियो का धुंधला होना है। साथ ही जांचकर्ताओं के दावे को बल देने के पीछे यह भी एक वजह है कि आईएसआईएस ने यह नहीं बताया कि उसने प्लेन को कैसे मार गिराया? मेट्रोजेट के मुताबिक, हादसे के शिकार होने वाले प्लेन को उड़ाने वाले कैप्टन वैलेरी नेमोव को 12 हजार घंटों का फ्लाइट एक्सपीरियंस था। इसके अलावा, विमान को उड़ाने का भी 3,860 घंटों का अनुभव था। ऐसे में मानवीय चूक की आशंका कम ही है। क्या कहते हैं जानकार- इजिप्ट सेना के प्रवक्ता मोहम्मद समीर ने कहा, "दावे तो कुछ भी किए जा सकते हैं, लेकिन अब तक कोई सबूत नहीं मिले, जिनके आधार पर कहा जा सके कि इस हादसे के लिए आतंकी जिम्मेदार हैं। हमें शक है कि आतंकियों के पास इतनी ऊंचाई तक मार करने वाला वेपन है। प्लेन 30 हजार फीट की ज्यादा ऊंचाई पर उड़ान भर रहा था।" वहीं सेंटर फॉर अमेरिकन प्रोग्रेस के एनालिस्ट मुख्तार अवाद ने कहा, "आतंकियों के बयान में यह नहीं बताया गया कि वे प्लेन को गिराने में कैसे कामयाब हुए। लेटेस्ट पोर्टेबल सरफेस टू एयर मिसाइल भी इतनी ऊंचाई तक नहीं पहुंच सकते। सिर्फ टेकऑफ और लैंडिंग के वक्त ही हमले का खतरा रहता है। प्लेन तो अपने तयशुदा ऊंचाई तक पहुंच चुका था।" फ्रांस एयर एंड स्पेस म्यूजियम के पूर्व डायरेक्टर जेरार्ड फल्डजर ने कहा, "आईएस के पास 9 हजार मीटर ऊपर उड़ रहे प्लेन्स को निशाना बनाने लायक हथियार नहीं हैं।" वहीं, फ्रांस एविएशन एजेंसी बीईए के पूर्व डायरेक्टर जीन पॉल ट्रोडेक ने कहा, "ऐसा करने के लिए ट्रेन्ड लोगों और इक्वीपमेंट्स की जरूरत होती है, जो मेरी जानकारी के मुताबिक आईएस के पास नहीं हैं।" गौरतलब है कि आतंकी सगठन मिस्र के शर्म-अल-शेख से रूस के सेंट पीट्सबर्ग जा रहा रशियन पैसेंजर प्लेन शनिवार को क्रैश हो गया था। आतंकी संगठन आईएसआईएस ने इसे मार गिराने का दावा किया है। अब संगठन ने अपनी बात साबित करने के लिए एक वीडियो जारी किया है। एक्सपर्ट्स और रूसी अधिकारियों ने इन दावों को खारिज किया है। हालांकि, वे अभी भी हादसे की सही वजह बताने में नाकाम रहे हैं। ऐसे में इस हादसे की असल वजह को लेकर मिस्ट्री बढ़ती जा रही है। उधर, रशियन ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर मैक्सिम सोकोलोव और जांच करने वालों की एक हाई लेवल टीम रविवार को काहिरा पहुंच गई। ये टीम इजिप्ट के अधिकारियों के साथ मिलकर जांच को आगे बढ़ाएगी।

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